पृथ्वी से टकराने जा रहा है यह एस्ट्रॉयड, नासा ने स्पेस एक्स को दी नष्ट करने की जिम्मेदारी

पृथ्वी से टकराने जा रहा है यह एस्ट्रॉयड, नासा ने स्पेस एक्स को दी नष्ट करने की जिम्मेदारी

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हमारी पृथ्वी पर हमेशा एस्ट्रॉयड (उल्का पिंड) के टकराने का खतरा मंडराता रहता है. यदि ऐसा होता है तो भारी जान और माल की हानी होगी. ऐसा होने की ‌स्थिति में यह भी हो सकता है कि पृथ्वी से मानव सभ्यता ही खत्म हो जाए. ऐसी किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए नासा लंबे समय से काम कर रहा है. अब यह प्रोजेक्ट नासा ने एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स को दिया है. स्पेस एक्स अब अंतरिक्ष में एक एस्ट्रॉयड को नष्ट करेगा जो लगातार पृथ्वी के लिए खतरा बना हुआ है. यह एस्ट्रॉयड पृथ्वी से 68 लाख मील दूर है. इस बात की जानकारी देते हुए नासा ने बताया कि इस मिशन का नाम डबल एस्ट्रॉयड रीडायरेक्‍शन टेस्ट (डार्ट) रखा गया है.

कैसे नष्ट किया जाएगा एस्ट्रॉयड

# डार्ट मिशन जून 2021 में शुरू होगा. इस दौरान कैलिफोर्निया के वांडेनबर्ग एयर फोर्स बेस कैंप से फॉल्कन 9 रॉकेट को लॉन्च किया जाएगा.

# इस रॉकेट के साथ 2.4 किमी लंबा एक स्पेसक्राफ्ट होगा, जो एस्ट्रॉयड तक अपनी पहुंच बनाएगा.

# यह एस्ट्रॉयड तक 2022 अक्टूबर तक अपनी पहुंच बनाएगा.

# एस्ट्रॉयड पर करीब 800 मीटर दूर से निशाना लगाया जाएगा और कोशिश यह की जाएगी की एस्ट्रॉयड को पूरी तरह से नष्ट कर दिया जाए. इसको नष्ट करने के लिए काइनेटिक इंपेक्टर का इस्तेमाल किया जाएगा. लेकिन यदि ऐसा नहीं होता है तो उसका रास्ता बदल दिया जाएगा.

# इस एस्ट्रॉयड के साथ ही एक और 150 मीटर का मूनलेट जुड़ा है. जो पृथ्वी को ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है.

# इसका रास्ता बदलने के लिए करने के लिए स्पेसक्राफ्ट इसमें क्रैश किया जाएगा, इस टक्कर के दौरान स्पेसक्रॉफ्ट की स्पीड करीब 6 किमी प्रति सैकेंड होगी.

# इस टक्कर से एस्ट्रॉयड के चारों तरफ घूम रहे इस मूनलेट की स्पीड अपने ऑर्बिट में बदल जाएगी. जिससे खतरा टल जाएगा.

कितना होगा खर्च

नासा इस मिशन के लिए स्पेस एक्स को करीब 477 करोड़ रुपए देगी. इसके लिए नासा और स्पेस एक्स के बीच करार हुआ है. यह नासा का एक पायलट प्रोजेक्ट है जिसके जरिए यह पता लगाया जाएगा कि ऐसा करने के बाद आने वाले खतरों से बचने के लिए क्या किया जा सकता है.

एस्ट्रॉयड के टुकड़े जमा करेगा नासा

इसके बाद नासा 2023 में एक और परियोजना शुरू करेगा जिसमें एस्ट्रॉयड के टुकड़ेां की की जांच की जाएगी. इस दौरान नासा की यह कोशिश रहेगी कि किसी प्रकार से टुकड़ेां को जमा किया जाए और उनका अध्ययन किया जाए.

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