रोहित मर्डर केस: शक की रडार में पूरा परिवार, बॉडी 15 घंटे पड़ी रही पत्नी को पता नहीं चला?

रोहित मर्डर केस: शक की रडार में पूरा परिवार, बॉडी 15 घंटे पड़ी रही पत्नी को पता नहीं चला?

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WHO KILLED ROHIT SHEKHAR CASE

रोहित शेखर की हत्या के मामले में अब उसके घर वाले जांच के लपेटे में आ गए हैं. क्राइम ब्रांच की टीम दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी के मकान में रोहित की पत्नी, उसकी मां और ससुर से पूछताछ की. इन सभी के अलावा रोहित शेखर के भाई और नौकरों से भी सवाल जवाब किए गए. घर पर पूछताछ के समय महिला पुलिसकर्मी भी मौजूद थीं.

पूछताछ में मां ने बताया:
15 अप्रैल को हम हल्द्वानी से लौटे. मैं तिलक लेन चली गई. रोहित डिफेन्स कॉलोनी चला गया. जब रात मैं 10 बजे डिफेन्स कॉलोनी पहुंची तो अपूर्वा से रोहित के बारे में पूछा. अपूर्वा ने कहा कि वो खाना खाकर सो गए हैं. लेकिन थोड़ी ही देर में वो नीचे आ गया. वो बिल्कुल नॉर्मल था. मुझे नहीं लगता कि उसने शराब पी रखी थी. मेरे से हालचाल पूछा. फिर मैं वापिस तिलक लेन चली गई. अगले दिन यानी दिन के 2 बजे लौटी, मेरे अंगूठे में दर्द था, जिसके बाद में डॉक्टर से मिलने चली गई. उससे पहले रोहित के बारे में पूछा तो अपूर्वा ने कहा कि सो रहा है. मैं हॉस्पिटल पहुंची ही थी कि रमेश जी ने भतीजे को फोन करके कहा कि रोहित खून से लथपथ है. राजीव ने जैसे ही मुझे रोहित के बारे में बताया मैं हिल गई, फिर मैं उसे लेकर अस्पताल आई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

क्या था पूरा मामला?

16 अप्रैल को शाम में खबर आई कि एनडी तिवारी के बेटे की घर में मौत हो गई. उन्हें शाम 5 बजे अस्पताल लाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. फिर रोहित का पोस्टमार्टम किया गया जिसके बाद पता चला कि रोहित की मौत गला दबाने से हुई है. उसकी मौत नैचुरल नहीं है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि रोहित की मौत 15-16 अप्रैल की रात डेढ़ बजे के करीब हुई है. यानी रोहित की बॉडी घर में 15-16 घंटे पड़ी रही और किसी को इस बात की जानकारी भी नहीं मिली.
पोस्टमार्ट्म रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने 19 अप्रैल को हत्या का मामला दर्ज कर लिया. जिसके बाद 20 अप्रैल के दिन क्राइम ब्रांच की टीम रोहित के डिफेंस कॉलोनी वाले घर पूछताछ के लिए पहुंची. पुलिस ने तमाम पहलूओं पर जांच की कि मौत रात के डेढ़ बजे हुई फिर घर के दूसरे लोगों को जानकारी क्यों नहीं मिली? पुलिस को रोहित की हत्या के मामले में रोहित की मां के बयान पर भी शक है क्योंकि उन्होंने कहा था कि रोहित की मौत नैचुरली हुई है.

रोहित के घर क्राइम ब्रांच की टीम पूरे दल-बल के साथ पहुंची. पुलिस को पहला शक रोहित की पत्नी अपूर्वा पर है. अ

पूर्वा से पूछताछ के वक्त रोहित के ससूर भी मौके पर मौजूद रहे उनका कहना है कि उनकी बेटी ने कुछ नहीं किया साथ ही दोनों के बीच कभी किसी तरह का कोई विवाद नहीं था. दूसरी तरफ रोहित की मां उज्जवला का कहना है:

रोहित और उसकी पत्नी के बीच रिश्ते ठीक नहीं थे. वो काफी तनाव में रहता था. शादी से पहले दोनों एक साल तक मिलते रहे, फिर बीच में 3 महीने के लिए कोई बातचीत नहीं हुई. फिर 2 अप्रैल 2018 को दोनों ने अचानक कहा कि शादी करेंगे. उनके रिश्ते शुरू से ही ठीक नहीं थे.
सूत्रों के मुताबिक पुलिस रोहित शेखर की पत्नी की कॉल डिटेल खंगाल रही है. साथ ही जितने लोगों से उसने बातचीत की है सभी नंबरों की भी जांच की जा रही. रोहित की पत्नी के बाद नंबर आता है रोहित के भाई का. पुलिस को रोहित के भाई पर भी शक है. पुलिस के मुताबिक रोहित की मौत के वक्त रोहित का भाई घर पर ही था, जिस वजह से क्राइम ब्रांच की टीम उससे सख्ती से पूछताछ कर रही है. इसके अलावा घर के हर कोने की जांच की जा रही है, सीसीटीवी के फुटेज खंगाले जा रहे हैं. यहां तक पुलिस घर के हर नौकरों से भी पूछताछ कर रही है.
पुलिस रोहित शेखर की मेडिकल हिस्ट्री की भी जांच कर रही है कि रोहित को क्या बीमारी थी, वो किस-किस डॉक्टरों से इलाज करवा रहा था, क्या-क्या दवाईयां खा रहा था. हर एक पहलू की बड़ी बारीकी से जांच हो रही है. अब इस मामले में जो भी अपडेट होगा वो हम आप तक पहुंचाएंगे.

रोहित शेखर उत्तप्रदेश उत्तराखंड के पूर्व सीएम एनडी तिवारी के बेटे थे. 53 साल कांग्रेस नेता रहे एनडी तिवारी ने साल 2017 में बीजेपी ज्वाइन की थी. उस वक्त खबरें चली थी बेटे का फ्यूचर बनाने के लिए उन्होंने कांग्रेस का हाथ छोड़ दिया था. रोहित शेखर ने पिता एनडी तिवारी से कानून लड़ाई लड़ी थी. कई साल केस चलने के बाद एनडी ने रोहित को अपना बेटा माना था. जिसके बाद 2018 में एनडी तिवारी की मौत हो गई थी.

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